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کاش تو قحطی شقایق بشینیم توی یه قایق بزنیم دل رو به دریا من و تو تنهای تنها
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+ نوشته شده در
پنجشنبه بیست و نهم تیر 1385ساعت 12:41 توسط ستاره |
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